रामदेवरा दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी  |  भादवा मेला 2027 — 2–11 सितंबर (संभावित)

रामदेवरा में प्रसाद व चढ़ावा — कपड़े का घोड़ा, नेजा और प्रसाद की दुकानें

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🍬 प्रसाद व चढ़ावा

संक्षेप में: रामदेवरा में बाबा रामदेव जी को सबसे विशेष चढ़ावा कपड़े का घोड़ा है — यह परंपरा सदियों पुरानी है। इसके साथ श्रद्धालु नारियल, प्रसाद (मिठाई/मिश्री), ध्वजा (नेजा) और बाबा के पगल्या चढ़ाते हैं। यह सब सामग्री मंदिर रोड के बाज़ार में, मंदिर से कुछ ही कदम की दूरी पर मिल जाती है — घर से लाने की ज़रूरत नहीं।

बाबा रामदेव जी को क्या चढ़ाते हैं

  • कपड़े का घोड़ा: सबसे पहचानी जाने वाली परंपरा। लोक-मान्यता है कि बाबा ने बचपन में कपड़े के घोड़े को आकाश में उड़ाकर अपने अवतारी होने का परचा दिया था — इसी की स्मृति में घोड़ा चढ़ाया जाता है। पूरी कथा: कपड़े के घोड़े का परचा। बाज़ार में छोटे से लेकर बड़े, सजे हुए घोड़े मिलते हैं — अधिकतर नीले रंग के, बाबा के “लीले” घोड़े की स्मृति में।
  • ध्वजा / नेजा: बाबा की ध्वजा उनकी आस्था का प्रतीक मानी जाती है; पाँच रंगों का नेजा बाबा के मंदिरों की पहचान है।
  • पगल्या (चरण-चिह्न): बाबा के चरण-चिह्नों की पूजा का विशेष महत्व है — अजमल जी के परचे से जुड़ी परंपरा।
  • नारियल और प्रसाद: नारियल, मिठाई, मिश्री जैसे प्रसाद चढ़ाकर बाँटने की परंपरा है।

जीवित घोड़े चढ़ाने की नई परंपरा

दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वर्षों से कई श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर बाबा की समाधि पर जीवित घोड़े भी चढ़ाने लगे हैं। रिपोर्ट के समय तक राजस्थान, गुजरात और पंजाब के श्रद्धालुओं ने मारवाड़ी और काठियावाड़ी नस्ल के लगभग छह घोड़े चढ़ाए थे। बाबा रामदेव समाधि समिति ने इनके लिए रुणीचा कुआं पर घुड़साल बनाई, जहाँ चारे-पानी और देखभाल के लिए जानकार की व्यवस्था की गई। रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि यह परंपरा नई है, जबकि कपड़े का घोड़ा चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। जीवित घोड़ा चढ़ाने की इच्छा हो तो पहले मंदिर समिति से संपर्क करें।

रामदेवरा में प्रसाद की दुकानें

मंदिर रोड पर प्रसाद, कपड़े के घोड़े, नेजे, पगल्या और बाबा की तस्वीरों की बहुत सी दुकानें हैं। नीचे Google Maps पर सूचीबद्ध कुछ दुकानें मंदिर से दूरी के क्रम में दी गई हैं:

दुकान मंदिर से फ़ोन समय (Google) रेटिंग
Shree Baba Ramdev Fancy Store (मंदिर रोड) ~10 मी — सुबह 6 – रात 10 4.3 ★ (62)
Ramdevra Temple Prasad Market (मंदिर रोड) ~50 मी — — 5 ★ (4)
Prithvi Prasad Bhandar (भाखर सिंह तंवर) ~90 मी 099501 81701 सुबह 10 – रात 9 5 ★ (3)
Baba Ramdev Prasad Bhandar ~130 मी — — 5 ★ (1)
Jay Shree Baba Ramdev Prasad Bhandar ~150 मी 077427 40960 सुबह 5 – रात 12 5 ★ (2)
Shree Prem Prasad Bhandar ~270 मी — — —
Baba Ramdev Prasad Bhandar (2W3F+JFP) ~370 मी — — —
Aaradhya Mart (होटल पूनम पैलेस के सामने) ~440 मी 094144 11803 सुबह 7 – रात 11 4.8 ★ (109)
Chaudhary Prasad Bhandar (चिमाराम सारण) ~590 मी 099832 08959 — 5 ★ (3)

दूरी सीधी रेखा में अनुमानित है। समय व विवरण Google Maps से (अक्टूबर 2026) — बदल सकते हैं; मेले में दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं।

खरीदारी के सुझाव

  • कपड़े के घोड़े और प्रसाद के दाम आकार और सजावट के अनुसार अलग होते हैं — खरीदने से पहले 2–3 दुकानों पर देख लें।
  • मेले के दिनों में मंदिर रोड पर बहुत भीड़ रहती है; प्रसाद एक दिन पहले या सुबह जल्दी खरीदें।
  • दर्शन की कतार में बड़े घोड़े/सामान ले जाने से पहले प्रवेश द्वार पर नियम पूछ लें।
  • घर ले जाने के लिए पगल्या, बाबा की तस्वीर और प्रसाद अच्छे स्मृति-चिह्न हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रामदेवरा में कपड़े का घोड़ा क्यों चढ़ाते हैं?

बाबा के बचपन के कपड़े के घोड़े वाले परचे की स्मृति में; मन्नत माँगते या पूरी होने पर चढ़ाया जाता है।

प्रसाद कहाँ मिलता है?

मंदिर रोड के बाज़ार में, मंदिर से 50–300 मीटर के भीतर कई प्रसाद भंडार हैं।

क्या रामदेवरा में जीवित घोड़े भी चढ़ाए जाते हैं?

हाँ, कुछ वर्षों से कुछ श्रद्धालु जीवित घोड़े चढ़ाते हैं; समाधि समिति ने रुणीचा कुआं पर उनकी देखभाल की व्यवस्था की है।

प्रसाद की दुकानें कब तक खुली रहती हैं?

अधिकतर सुबह से रात तक; कुछ दुकानें Google के अनुसार सुबह 5 बजे से आधी रात तक खुली रहती हैं।

स्रोत व आभार

और देखें: दर्शन समय · बाबा के परचे · आसपास की जगहें · भोजनालय

॥ जय बाबा रामदेव जी ॥