रामदेवरा का भादवा मेला 2027 में लगभग 2 से 11 सितंबर तक रहेगा। मेला भादवा सुदी बीज (बाबा रामदेव जयंती, लगभग 2 सितंबर 2027) से शुरू होकर भादवा सुदी एकादशी (बाबा का समाधि दिवस, लगभग 11 सितंबर 2027) तक चलता है। ये तारीखें पंचांग से निकाली गई हैं; प्रशासन की आधिकारिक घोषणा आने पर इन्हें अपडेट किया जाएगा।
भादवा मेला क्या है
भादवा (भाद्रपद) महीने के शुक्ल पक्ष में रामदेवरा में लगने वाला मेला पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है। लोक-मान्यता के अनुसार बाबा रामदेव जी का अवतार भादवा सुदी बीज को हुआ और उन्होंने भादवा सुदी एकादशी को रुणिचा (आज का रामदेवरा) में जीवित समाधि ली। इन दोनों तिथियों के बीच के दस-ग्यारह दिन मेले के दिन हैं।
इन दिनों राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा से लाखों श्रद्धालु आते हैं। बहुत से भक्त सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर पहुँचते हैं, हाथ में बाबा का नेजा (ध्वजा) लेकर। रास्ते भर सेवा शिविर लगते हैं और रामदेवरा में रात-दिन भजन-कीर्तन व जम्मा जागरण चलता है।
मेले की मुख्य तिथियाँ (2027, संभावित)
| तिथि | तारीख | महत्व |
|---|---|---|
| भादवा सुदी बीज | लगभग 2 सितंबर 2027 | बाबा रामदेव जयंती, मेले का आरंभ |
| भादवा सुदी दशमी | लगभग 10 सितंबर 2027 | सबसे अधिक भीड़ वाले दिनों में |
| भादवा सुदी एकादशी | लगभग 11 सितंबर 2027 | समाधि दिवस, मेले का मुख्य दिन |
पूरी तिथि-सूची के लिए देखें बाबा रामदेव जयंती और उत्सव कैलेंडर। हर महीने की बीज की तारीख बाबे री बीज पेज पर है।
मेले में कैसे पहुँचें
ट्रेन: रामदेवरा स्टेशन जोधपुर–जैसलमेर लाइन पर है। मेले के दिनों में रेलवे आम तौर पर अतिरिक्त/स्पेशल ट्रेनें चलाता है — उनकी घोषणा उत्तर पश्चिम रेलवे मेले से कुछ सप्ताह पहले करता है। टिकट जल्दी बुक करें और यात्रा से पहले NTES या IRCTC पर स्थिति देखें। देखें रामदेवरा ट्रेन जानकारी।
सड़क: मेले में राजस्थान रोडवेज़ भी अतिरिक्त बसें चलाता है। निजी वाहन से आ रहे हैं तो पोकरण से आगे का हिस्सा धीमा हो जाता है, और प्रशासन वाहनों के लिए अलग पार्किंग क्षेत्र तय करता है — उस वर्ष की सूचना देखें। अपने शहर से रास्ता: शहरवार यात्रा मार्ग · दूरी तालिका।
पैदल: पदयात्रा की तैयारी, सुरक्षा और सेवा शिविरों के बारे में पदयात्रा गाइड पढ़ें।
ठहरना और भोजन
मेले के दिनों में रामदेवरा की धर्मशालाएँ और होटल हफ़्तों पहले भर जाते हैं। पोकरण (लगभग 12 किमी) में ठहरकर रोज़ आना-जाना भी एक विकल्प है। बहुत से भक्त मंदिर के आसपास लगे शिविरों और भंडारों में रुकते और भोजन करते हैं। सूचियाँ: धर्मशाला · होटल · भोजनालय।
दर्शन के लिए सुझाव
- समय चुनें: मंगला आरती के तुरंत बाद और देर रात कतार अपेक्षाकृत छोटी रहती है। दशमी–एकादशी को सबसे लंबी कतार होती है।
- सामान कम रखें: कतार में बड़ा बैग, कीमती सामान और ज़्यादा नकदी न रखें।
- बच्चे और बुज़ुर्ग: बच्चों की जेब में आपका मोबाइल नंबर लिखी पर्ची रखें। बुज़ुर्गों के साथ भीड़ वाले दिनों से बचें।
- पानी और धूप: सितंबर में भी दिन में धूप तेज़ रहती है — पानी, टोपी और ORS साथ रखें।
- मिलने की जगह तय करें: साथियों से बिछड़ने पर मिलने का एक पक्का स्थान पहले ही तय कर लें।
मंदिर के नियमों के लिए देखें दर्शन के नियम व सुझाव और दर्शन व आरती समय।
मेले में क्या देखें
बाबा की समाधि के दर्शन के बाद डाली बाई मंदिर, रामसरोवर और परचा बावड़ी पैदल दूरी पर हैं। मेले में कपड़े के घोड़े, नेजे और प्रसाद की सैकड़ों दुकानें लगती हैं — चढ़ावे के बारे में प्रसाद व चढ़ावा पेज देखें। रात में अलग-अलग पंडालों में भजन संध्या और जम्मा जागरण होते हैं (भजन, मंत्र व जम्मा)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामदेवरा का मेला कब लगता है?
हर साल भादवा सुदी बीज से भादवा सुदी एकादशी तक। 2027 में यह लगभग 2 से 11 सितंबर तक है।
रामदेवरा मेले का मुख्य दिन कौन-सा है?
भादवा सुदी एकादशी — बाबा का समाधि दिवस — और उससे पहले की दशमी को सबसे अधिक भीड़ होती है।
क्या मेले में स्पेशल ट्रेनें चलती हैं?
आम तौर पर हाँ। हर वर्ष की सूची रेलवे मेले से पहले जारी करता है, इसलिए यात्रा से पहले NTES/IRCTC पर जाँचें।
मेले में कहाँ ठहरें?
पहले से बुक की गई धर्मशाला या होटल सबसे अच्छा है। जगह न मिले तो पोकरण में ठहरें।
बाबा रामदेव जी का माघ मेला कब होता है?
माघ महीने में भी एक छोटा मेला लगता है — देखें माघ मेला।
2027 की तारीखें पंचांग पर आधारित संभावित तारीखें हैं; आधिकारिक घोषणा के बाद यह पेज अपडेट होगा। अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026।
स्रोत: मेले की तारीखें पंचांग की भाद्रपद शुक्ल द्वितीया और एकादशी तिथियों से निकाली गई हैं; आधिकारिक घोषणा जिला प्रशासन/मंदिर समिति करती है।
॥ जय बाबा रामदेव जी ॥