रामसरोवर रामदेवरा मंदिर के पास स्थित एक बड़ा तालाब है, जिसे लोक-मान्यता के अनुसार स्वयं बाबा रामदेव जी ने खुदवाया था। दर्शन से पहले या बाद में बहुत से भक्त यहाँ स्नान या आचमन करते हैं और सरोवर की परिक्रमा करते हैं।
रामसरोवर का महत्व
रेगिस्तानी इलाके में पानी सबसे कीमती चीज़ थी। कथाओं के अनुसार बाबा रामदेव जी ने गाँव और पशुओं के लिए यह तालाब खुदवाया, ताकि सबको पानी मिले। इसलिए भक्त इसे बाबा की सेवा और लोक-कल्याण का प्रतीक मानते हैं। मेले के दिनों में दूर से आए पदयात्री यहाँ हाथ-पैर धोकर दर्शन के लिए जाते हैं।
यहाँ क्या करते हैं भक्त
- आचमन / स्नान: बहुत से लोग सरोवर के जल से आचमन करते हैं; कुछ स्नान भी करते हैं। गहराई का अंदाज़ा नहीं होता — बच्चों को पानी में अकेला न छोड़ें।
- परिक्रमा: सरोवर के किनारे-किनारे परिक्रमा की परंपरा है।
- मन्नत: कई परिवार मन्नत पूरी होने पर यहाँ आकर पूजा करते हैं।
मौसम के अनुसार
बारिश के बाद (अगस्त–सितंबर) सरोवर में पानी अधिक रहता है, जो मेले का समय भी है। गर्मियों के अंत में पानी कम हो सकता है। गर्मियों में दोपहर की धूप में किनारे पर ज़्यादा देर न रुकें — सुबह या शाम का समय बेहतर है। मौसम के बारे में और जानकारी रामदेवरा कहाँ है पेज पर।
सफ़ाई का ध्यान
सरोवर में प्लास्टिक, पूजा की थैलियाँ या फूल-मालाएँ न डालें। इनके लिए पास रखे पात्रों का उपयोग करें। यह बाबा के खुदवाए सरोवर के प्रति सबसे अच्छी श्रद्धा है।
आसपास और क्या देखें
मंदिर परिसर के बाकी स्थल: डाली बाई मंदिर · रामसरोवर · परचा बावड़ी। दर्शन का समय यहाँ देखें, और बाबा के जीवन की कथा बाबा रामदेव जी का जीवन पेज पर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामसरोवर कहाँ है?
रामदेवरा में बाबा रामदेव जी के मंदिर के पास, पैदल दूरी पर।
रामसरोवर किसने बनवाया?
लोक-मान्यता के अनुसार बाबा रामदेव जी ने गाँव के लिए यह सरोवर खुदवाया था।
क्या रामसरोवर में स्नान कर सकते हैं?
बहुत से भक्त स्नान या आचमन करते हैं। सावधानी रखें और बच्चों को अकेला न छोड़ें।
जानकारी लोक-परंपरा पर आधारित है। अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026।
॥ जय बाबा रामदेव जी ॥