रामदेवरा दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी  |  भादवा मेला 2027 — 2–11 सितंबर (संभावित)

रामदेवरा से जोधपुर — मेहरानगढ़, मसूरिया रामदेव मंदिर व घूमने की सभी जगहें

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📍 रामदेवरा के आसपास

संक्षेप में: जोधपुर — “सूर्य नगरी” और “नीली नगरी” — रामदेवरा जाने वाले ज़्यादातर यात्रियों का मुख्य पड़ाव है। यहाँ ट्रेन और उड़ानें आती हैं, और रामदेवरा यहाँ से लगभग 183–190 किमी है। श्रद्धालुओं के लिए यहाँ सबसे खास स्थान है मसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव जी का मंदिर, जहाँ बाबा के गुरु बालीनाथ जी की तपोस्थली और समाधि मानी जाती है। साथ ही मेहरानगढ़ किला, जसवंत थड़ा और पुराना शहर एक-दो दिन में देखे जा सकते हैं।

  • रामदेवरा से दूरी: लगभग 183–190 किमी, सड़क से लगभग 4 घंटे
  • सीधी ट्रेन: हाँ, जोधपुर जंक्शन (JU) → रामदेवरा (RDRA), 2.5–3.5 घंटे
  • श्रद्धालुओं के लिए: मसूरिया पहाड़ी — बाबा रामदेव मंदिर व बालीनाथ जी की समाधि
  • मुख्य आकर्षण: मेहरानगढ़, जसवंत थड़ा, उम्मेद भवन, मंडोर, घंटाघर, तूरजी का झालरा
  • हवाई अड्डा: जोधपुर (JDH)

मसूरिया पहाड़ी — बाबा रामदेव मंदिर और बालीनाथ जी की समाधि

जोधपुर शहर के बीच मसूरिया पहाड़ी पर स्थित बाबा रामदेव जी का मंदिर रामदेवरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। लोक-परंपरा के अनुसार यह बाबा रामदेव जी के गुरु बालीनाथ जी की तपोस्थली है, जहाँ उन्होंने वर्षों तपस्या की और समाधि ली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान मंदिर 1932 में बना, और दर्शन के लिए लगभग 300–400 सीढ़ियाँ चढ़नी होती हैं। भादवा सुदी बीज पर यहाँ भी बड़ा मेला लगता है। पहाड़ी के ऊपर बने उद्यान से पूरे शहर, मेहरानगढ़ और उम्मेद भवन का सुंदर दृश्य दिखता है। बाबा और गुरु बालीनाथ जी से जुड़ी कथा: भैरव राक्षस का परचा।

मेहरानगढ़ किला

मेहरानगढ़ राठौड़ शासक राव जोधा ने लगभग 1459 में बनवाया, जब उन्होंने मारवाड़ की राजधानी मंडोर से यहाँ स्थानांतरित की। यह किला मैदान से लगभग 122 मीटर ऊँची चट्टानी पहाड़ी पर खड़ा है और भारत के सबसे बड़े किलों में गिना जाता है। किले में सात द्वार हैं, जिनमें जय पोल 1806 में महाराजा मान सिंह ने बनवाया। भीतर मोती महल, फूल महल और शीश महल जैसे सजे-धजे महल हैं, और मेहरानगढ़ संग्रहालय में पालकियाँ, हौदे, शस्त्र, चित्र और पगड़ियाँ प्रदर्शित हैं। राव जोधा द्वारा मंडोर से लाई गई चामुंडा माता का मंदिर भी किले में है।

जसवंत थड़ा

मेहरानगढ़ के पास सफेद संगमरमर से बना यह स्मारक जोधपुर के शाही परिवार का स्मारक-स्थल है। इसकी नक्काशी, शांत वातावरण और यहाँ से किले का दृश्य बहुत सुंदर है।

उम्मेद भवन पैलेस

बीसवीं सदी में बना यह भव्य महल “नए जोधपुर” का प्रतीक है। इसका एक हिस्सा शाही परिवार का निवास, एक हिस्सा होटल और एक हिस्सा संग्रहालय है — संग्रहालय आम पर्यटकों के लिए खुला रहता है।

पुराना शहर, घंटाघर और तूरजी का झालरा

  • घंटाघर व सरदार बाज़ार: पुराने शहर का केंद्र — मसाले, बंधेज, जूतियाँ और जोधपुरी मिठाइयाँ।
  • तूरजी का झालरा: पुराने शहर की सुंदर बावड़ी, पानी के प्राचीन प्रबंधन का उदाहरण।
  • नीले घर: मेहरानगढ़ के नीचे बसे पुराने मोहल्लों के नीले रंग के घर जोधपुर को “नीली नगरी” बनाते हैं।

मंडोर, महामंदिर और झीलें

  • मंडोर उद्यान: मारवाड़ की पुरानी राजधानी — छतरियाँ, मंदिर और उद्यान।
  • महामंदिर: 1812 में बना प्रसिद्ध मंदिर, स्तंभों पर सुंदर नक्काशी।
  • कायलाना झील: शहर से लगभग 8–11 किमी पश्चिम में, सूर्यास्त के लिए लोकप्रिय।
  • बालसमंद झील व उद्यान: शहर से लगभग 5 किमी।
  • राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क: मेहरानगढ़ के पास, रेगिस्तानी वनस्पति के संरक्षण के लिए 2006 में बनाया गया।

घूमने का सबसे अच्छा समय और ज़रूरी सुझाव

अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा समय है। मेहरानगढ़ और मसूरिया दोनों में चढ़ाई है — सुबह जल्दी जाएँ। भादवा मेले के दिनों में मसूरिया में भी भारी भीड़ रहती है।

  • गर्मियों (अप्रैल–जून) में दोपहर का तापमान बहुत अधिक रहता है — सुबह जल्दी या शाम को जाएँ, पानी, टोपी और सनस्क्रीन साथ रखें।
  • सर्दियों (दिसंबर–जनवरी) में रेगिस्तान की सुबह-शाम ठंडी होती है — हल्के गर्म कपड़े रखें।
  • रास्ते में दुकानें कम हैं; नकद और पानी पहले से रखें, क्योंकि हर जगह UPI या नेटवर्क नहीं मिलता।
  • ऐतिहासिक संरचनाओं पर चढ़ने, कुछ लिखने या नुकसान पहुँचाने से बचें — ये हमारी साझा धरोहर हैं।
  • मेहरानगढ़ में ऑडियो गाइड उपलब्ध रहता है; टिकट के समय पूछें।

रामदेवरा से जोधपुर कैसे जाएँ

  • ट्रेन: जोधपुर जंक्शन से रामदेवरा के लिए जोधपुर–जैसलमेर लाइन की सीधी ट्रेनें (2.5–3.5 घंटे)।
  • सड़क: लगभग 183–190 किमी, लगभग 4 घंटे — बालेसर–पोकरण या ओसियां–फलोदी होकर।
  • पूरी जानकारी: जोधपुर से रामदेवरा।

रामदेवरा यात्रा के साथ कैसे जोड़ें

दिन 1 (जोधपुर): सुबह मसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव मंदिर व बालीनाथ जी की समाधि, फिर मेहरानगढ़ और जसवंत थड़ा, शाम घंटाघर बाज़ार। दिन 2: सुबह ट्रेन या टैक्सी से रामदेवरा, दर्शन व संध्या आरती। दिन 3: मंगला आरती, पोकरण और वापसी — या आगे जैसलमेर।

रामदेवरा के आसपास और क्या देखें

जोधपुर के साथ रामदेवरा यात्रा में ये स्थान भी जोड़े जा सकते हैं। दूरी और समय के अनुसार अपनी योजना बनाएँ — पास के स्थान (पोकरण) आधे दिन में, जैसलमेर क्षेत्र के स्थल 1–2 दिन में, और जोधपुर-बीकानेर के स्थल आने-जाने के रास्ते में देखे जा सकते हैं।

  • पोकरण किला (बालागढ़) — रामदेवरा से केवल 12 किमी — चंपावत राठौड़ों का किला, संग्रहालय और हेरिटेज होटल।
  • कुलधरा गाँव — पालीवाल ब्राह्मणों का 13वीं सदी का गाँव, जो 19वीं सदी में रहस्यमय ढंग से उजड़ गया।
  • खाबा किला — उजड़े गाँव के बीच पहाड़ी किला, ऊपर से अद्भुत दृश्य और जीवाश्म संग्रहालय।
  • सम के धोरे — थार के सबसे प्रसिद्ध रेत के टीले — ऊँट सफारी, सूर्यास्त और डेजर्ट कैंप।
  • डेजर्ट नेशनल पार्क — गोडावण का घर, चिंकारा, प्रवासी पक्षी और करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्म।
  • जैसलमेर — सोनार किला, जैन मंदिर, नक्काशीदार हवेलियाँ और गड़ीसर झील।
  • बीकानेर व बाड़मेर — देशनोक का करणी माता मंदिर, शाही छतरियाँ, गजनेर और जैन तीर्थ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रामदेवरा से जोधपुर कितनी दूर है?

सड़क से लगभग 183–190 किमी, रेल से लगभग 183–184 किमी।

जोधपुर में बाबा रामदेव जी का मंदिर कहाँ है?

मसूरिया पहाड़ी पर, जहाँ गुरु बालीनाथ जी की समाधि मानी जाती है।

मेहरानगढ़ किला किसने बनवाया?

राव जोधा ने, लगभग 1459 में।

जोधपुर घूमने के लिए कितना समय चाहिए?

मुख्य स्थलों के लिए 1–2 दिन।

जोधपुर को नीली नगरी क्यों कहते हैं?

मेहरानगढ़ के नीचे पुराने शहर के नीले रंग के घरों के कारण।

स्रोत

Wikipedia — Mehrangarh, Jodhpur Tourism — Masuriya, TravelSetu (स्थल सूची) — समय, शुल्क और नियम बदल सकते हैं; जाने से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि करें। दूरियाँ सड़क मार्ग से अनुमानित हैं। अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026।

और देखें: रामदेवरा के आसपास घूमने की जगहें · दर्शन समय · टैक्सी सेवा · होटल

॥ जय बाबा रामदेव जी ॥