रामदेवरा दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी  |  भादवा मेला 2027 — 2–11 सितंबर (संभावित)

रामदेवरा से जैसलमेर — सोनार किला, हवेलियाँ व घूमने की सभी जगहें

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📍 रामदेवरा के आसपास

संक्षेप में: जैसलमेर — “स्वर्ण नगरी” — रामदेवरा से लगभग 110–120 किमी पश्चिम में है और रामदेवरा आने वाले बहुत से श्रद्धालु इसे अपनी यात्रा में जोड़ते हैं। पीले बलुआ पत्थर से बना सोनार किला (1156 में रावल जैसल द्वारा स्थापित, यूनेस्को विश्व धरोहर), नक्काशीदार हवेलियाँ, गड़ीसर झील और पास के कुलधरा व सम के धोरे — 2 दिन में आराम से देखे जा सकते हैं।

  • रामदेवरा से दूरी: लगभग 110–120 किमी (पोकरण होकर), लगभग 2–2.5 घंटे
  • सीधी ट्रेन: हाँ, रामदेवरा–जैसलमेर (जोधपुर–जैसलमेर लाइन)
  • मुख्य आकर्षण: सोनार किला, जैन मंदिर, हवेलियाँ, गड़ीसर, बड़ा बाग
  • आसपास: कुलधरा (18 किमी), खाबा (35 किमी), सम (40–42 किमी)
  • सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च

सोनार किला (जैसलमेर किला)

जैसलमेर किला 1156 ई. में भाटी राजपूत शासक रावल जैसल ने त्रिकूट पहाड़ी पर बनवाया। पीले बलुआ पत्थर से बना होने के कारण सूर्यास्त के समय यह सुनहरा दिखता है — इसीलिए इसे “सोनार किला” कहते हैं। लगभग 1,500 फुट लंबे और 750 फुट चौड़े इस किले में तिहरी दीवारें और 99 बुर्ज हैं। यह दुनिया के उन गिने-चुने किलों में है जिनमें आज भी लोग रहते हैं — पुराने शहर की लगभग एक-चौथाई आबादी किले के भीतर बसती है। 2013 में यूनेस्को ने इसे “राजस्थान के पहाड़ी किले” समूह के तहत विश्व धरोहर घोषित किया। सत्यजीत रे की फिल्म “सोनार केल्ला” (1975) ने इसे देश भर में प्रसिद्ध किया।

किले के भीतर देखें: राज महल (पैलेस संग्रहालय), लक्ष्मीनाथ मंदिर, 12वीं–16वीं सदी के सात जैन मंदिर, किले के प्रवेश द्वार (जैसे सूरज पोल) और ऊपर से शहर का दृश्य।

जैन मंदिर

किले के भीतर स्थित जैन मंदिरों का समूह बारीक पत्थर-नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। मंदिरों में प्रवेश के नियम और समय तय हैं — चमड़े की वस्तुएँ बाहर रखें और शालीन वस्त्र पहनें।

हवेलियाँ

  • पटवों की हवेली: पाँच हवेलियों का समूह, जैसलमेर की सबसे प्रसिद्ध और भव्य हवेली — झरोखों और जालियों की अद्भुत नक्काशी।
  • सालिम सिंह की हवेली: जैसलमेर के दीवान सालिम सिंह की हवेली — वही सालिम सिंह जिनका नाम कुलधरा की लोक-कथा में आता है। इसकी विशिष्ट मोर-आकार की छत प्रसिद्ध है।
  • नथमल की हवेली: 19वीं सदी की हवेली, बाहर पत्थर के हाथियों की आकृतियों के लिए जानी जाती है।

गड़ीसर झील

शहर के बीच स्थित यह कृत्रिम जलाशय कभी जैसलमेर की जल-आपूर्ति का मुख्य स्रोत था। किनारे पर बने छोटे मंदिर, छतरियाँ और नक्काशीदार प्रवेश द्वार इसे बहुत सुंदर बनाते हैं। सुबह या सूर्यास्त के समय नौका विहार लोकप्रिय है।

बड़ा बाग, व्यास छतरी और अमर सागर

  • बड़ा बाग: शहर से लगभग 6 किमी उत्तर में शाही छतरियों (स्मारकों) का समूह — सूर्यास्त के समय विशेष रूप से सुंदर।
  • व्यास छतरी: राजस्थानी स्थापत्य की छतरियाँ, शहर और किले के दृश्य के लिए प्रसिद्ध।
  • अमर सागर: शहर से लगभग 7 किमी उत्तर-पश्चिम में झील और पुराने महल-मंदिर।

शहर के बाहर

जैसलमेर से आसानी से कुलधरा गाँव, खाबा किला, सम के धोरे और डेजर्ट नेशनल पार्क जाया जा सकता है। इनके लिए अलग पेज पढ़ें।

घूमने का सबसे अच्छा समय और ज़रूरी सुझाव

अक्टूबर से मार्च सबसे अच्छा समय है। सर्दियों में होने वाला मरु महोत्सव (जनवरी–फरवरी) जैसलमेर की संस्कृति देखने का सबसे अच्छा अवसर है।

  • गर्मियों (अप्रैल–जून) में दोपहर का तापमान बहुत अधिक रहता है — सुबह जल्दी या शाम को जाएँ, पानी, टोपी और सनस्क्रीन साथ रखें।
  • सर्दियों (दिसंबर–जनवरी) में रेगिस्तान की सुबह-शाम ठंडी होती है — हल्के गर्म कपड़े रखें।
  • रास्ते में दुकानें कम हैं; नकद और पानी पहले से रखें, क्योंकि हर जगह UPI या नेटवर्क नहीं मिलता।
  • ऐतिहासिक संरचनाओं पर चढ़ने, कुछ लिखने या नुकसान पहुँचाने से बचें — ये हमारी साझा धरोहर हैं।
  • किले और हवेलियों में सीढ़ियाँ बहुत हैं — बुज़ुर्गों के लिए समय और विश्राम का ध्यान रखें।
  • किले के भीतर के रास्ते संकरे हैं; गाड़ी नीचे पार्क करें।

रामदेवरा से जैसलमेर कैसे जाएँ

  • ट्रेन: रामदेवरा से जैसलमेर के लिए जोधपुर–जैसलमेर लाइन पर सीधी ट्रेनें हैं (लगभग 2–2.5 घंटे)। देखें ट्रेन जानकारी।
  • सड़क: रामदेवरा → पोकरण → जैसलमेर, लगभग 110–120 किमी। टैक्सी या बस दोनों मिलती हैं — टैक्सी सेवा।
  • हवाई: जैसलमेर में हवाई अड्डा है, पर उड़ानें सीमित और मौसमी रहती हैं; जोधपुर अधिक सुविधाजनक है।

रामदेवरा यात्रा के साथ कैसे जोड़ें

दिन 1: सुबह रामदेवरा में मंगला आरती व दर्शन, दोपहर पोकरण किला, शाम तक जैसलमेर, गड़ीसर पर सूर्यास्त। दिन 2: सुबह सोनार किला व जैन मंदिर, दोपहर हवेलियाँ, शाम कुलधरा और सम पर सूर्यास्त। समय हो तो दिन 3 में खाबा किला और डेजर्ट नेशनल पार्क।

रामदेवरा के आसपास और क्या देखें

जैसलमेर के साथ रामदेवरा यात्रा में ये स्थान भी जोड़े जा सकते हैं। दूरी और समय के अनुसार अपनी योजना बनाएँ — पास के स्थान (पोकरण) आधे दिन में, जैसलमेर क्षेत्र के स्थल 1–2 दिन में, और जोधपुर-बीकानेर के स्थल आने-जाने के रास्ते में देखे जा सकते हैं।

  • पोकरण किला (बालागढ़) — रामदेवरा से केवल 12 किमी — चंपावत राठौड़ों का किला, संग्रहालय और हेरिटेज होटल।
  • कुलधरा गाँव — पालीवाल ब्राह्मणों का 13वीं सदी का गाँव, जो 19वीं सदी में रहस्यमय ढंग से उजड़ गया।
  • खाबा किला — उजड़े गाँव के बीच पहाड़ी किला, ऊपर से अद्भुत दृश्य और जीवाश्म संग्रहालय।
  • सम के धोरे — थार के सबसे प्रसिद्ध रेत के टीले — ऊँट सफारी, सूर्यास्त और डेजर्ट कैंप।
  • डेजर्ट नेशनल पार्क — गोडावण का घर, चिंकारा, प्रवासी पक्षी और करोड़ों वर्ष पुराने जीवाश्म।
  • जोधपुर — मसूरिया पहाड़ी का बाबा रामदेव मंदिर, मेहरानगढ़ और नीली नगरी।
  • बीकानेर व बाड़मेर — देशनोक का करणी माता मंदिर, शाही छतरियाँ, गजनेर और जैन तीर्थ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रामदेवरा से जैसलमेर कितनी दूर है?

लगभग 110–120 किमी, सड़क से 2–2.5 घंटे।

क्या रामदेवरा से जैसलमेर सीधी ट्रेन है?

हाँ, जोधपुर–जैसलमेर लाइन की ट्रेनें रामदेवरा रुकती हैं।

सोनार किला किसने बनवाया?

1156 ई. में रावल जैसल ने।

जैसलमेर घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?

शहर के लिए 1–2 दिन; कुलधरा, सम व खाबा के साथ 2–3 दिन।

जैसलमेर का सबसे अच्छा मौसम कौन-सा है?

अक्टूबर से मार्च।

स्रोत

Wikipedia — Jaisalmer Fort, TravelSetu (स्थल सूची) — समय, शुल्क और नियम बदल सकते हैं; जाने से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि करें। दूरियाँ सड़क मार्ग से अनुमानित हैं। अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026।

और देखें: रामदेवरा के आसपास घूमने की जगहें · दर्शन समय · टैक्सी सेवा · होटल

॥ जय बाबा रामदेव जी ॥