🛕 मंदिर
बाबा रामदेव जी मंदिर, रामदेवरा (रुणिचा धाम) राजस्थान के जैसलमेर ज़िले में, पोकरण से लगभग 12 किमी दूर स्थित बाबा रामदेव जी की समाधि का स्थान है। मंदिर गर्मियों में सुबह 4 से रात 9 बजे और सर्दियों में सुबह 5 से रात 9 बजे तक खुला रहता है। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय बाबा को “रामसा पीर” के रूप में पूजते हैं, और बाबा की समाधि के पास उनकी भक्त डाली बाई की समाधि भी है।
एक नज़र में
| स्थान | रामदेवरा (रुणिचा), जैसलमेर ज़िला, राजस्थान |
| दर्शन समय | गर्मी 4:00 AM–9:00 PM · सर्दी 5:00 AM–9:00 PM — आरती समय |
| नज़दीकी स्टेशन | रामदेवरा (RDRA), मंदिर से 1.5–2 किमी |
| सबसे बड़ा उत्सव | भादवा मेला — 2027 में लगभग 2–11 सितंबर |
| प्रमुख चढ़ावा | कपड़े का घोड़ा, नेजा, पगल्या, नारियल |
मंदिर परिसर में क्या देखें
- बाबा की समाधि — मुख्य मंदिर, जहाँ बाबा ने जीवित समाधि ली।
- डाली बाई की समाधि — बाबा की अनन्य भक्त; कथा पढ़ें।
- रामसरोवर तालाब और परचा बावड़ी — पैदल दूरी पर।
- मंदिर रोड का बाज़ार — प्रसाद, कपड़े के घोड़े, नेजे।
पूरा इतिहास और परिसर का विवरण: मंदिर परिचय · आसपास: घूमने की जगहें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामदेवरा मंदिर कहाँ है?
जैसलमेर ज़िले के रामदेवरा गाँव में, पोकरण से लगभग 12 किमी।
रामदेवरा मंदिर कितने बजे खुलता है?
गर्मियों में सुबह 4 बजे, सर्दियों में सुबह 5 बजे; रात 9 बजे बंद।
बाबा रामदेव जी को रामसा पीर क्यों कहते हैं?
मक्का से आए पाँच पीरों को परचा देने के बाद — कथा।
रामदेवरा में क्या चढ़ाते हैं?
कपड़े का घोड़ा, नेजा, पगल्या, नारियल और प्रसाद।
॥ जय बाबा रामदेव जी ॥