🗓️ उत्सव कैलेंडर
संक्षेप में: रामदेवरा (रुणिचा धाम) में साल भर उत्सव चलते हैं। सबसे बड़ा भादवा मेला (2027 में लगभग 2–11 सितंबर) है, उसके बाद माघ मेला (लगभग 8–21 फरवरी 2027)। हर महीने की बाबे री बीज पर भी भक्तों की भीड़ रहती है, और दिवाली, होली व नवरात्रि जैसे पर्व भी उत्साह से मनाए जाते हैं। नीचे पूरे साल का कैलेंडर है।
रामदेवरा उत्सव कैलेंडर 2026–27
| तारीख (संभावित) | उत्सव | विशेष |
|---|---|---|
| 8 नवंबर 2026 | दिवाली | मंदिर में दीप सज्जा व विशेष पूजा |
| 10 नवंबर 2026 | कार्तिक बीज | मासिक बीज; दिवाली (8 नवंबर) व भाई दूज के आसपास |
| 8–21 फरवरी 2027 | माघ मेला | भादवा के बाद दूसरा बड़ा मेला, कम भीड़ |
| 22 मार्च 2027 | होली (धुलंडी) | बाबा को गुलाल अर्पण; श्रद्धालुओं की भीड़ |
| 7 अप्रैल 2027 से | चैत्र नवरात्रि / नव संवत्सर | विशेष पूजा-अर्चना |
| 2 सितंबर 2027 | बाबा रामदेव जयंती (बाबे री बीज) | वर्ष का सबसे पवित्र दिन |
| 2–11 सितंबर 2027 | भादवा मेला | सबसे बड़ा मेला, लाखों पदयात्री |
| 11 सितंबर 2027 | समाधि दिवस (भादवा सुदी एकादशी) | मेले का समापन, सबसे अधिक भीड़ |
| 29 अक्टूबर 2027 | दिवाली | दीप सज्जा व विशेष पूजा |
| हर महीने | बाबे री बीज (शुक्ल द्वितीया) | मासिक उत्सव |
तारीखें पंचांग व प्रकाशित कैलेंडरों के अनुसार; मेलों की आधिकारिक तारीखें मंदिर समिति व प्रशासन घोषित करते हैं। अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026।
1. भादवा मेला — सबसे बड़ा उत्सव
भाद्रपद शुक्ल द्वितीया से एकादशी तक चलने वाला यह मेला रामदेवरा का सबसे बड़ा उत्सव है। बीज पर बाबा की जयंती और एकादशी पर समाधि दिवस मनाया जाता है। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और देश भर से लाखों श्रद्धालु ध्वजा लेकर पदयात्रा करते हुए पहुँचते हैं; तेरहताली नृत्य, जम्मा-जागरण और भंडारे मेले की पहचान हैं। पूरी जानकारी: भादवा मेला 2027 · बाबा रामदेव जयंती।
2. माघ मेला — दूसरा बड़ा मेला
माघ शुक्ल द्वितीया से पूर्णिमा तक लगने वाला यह मेला सर्दियों में आता है। भीड़ भादवा से कम रहती है, इसलिए परिवार और बुज़ुर्ग इसे दर्शन के लिए पसंद करते हैं। पूरी जानकारी: माघ मेला 2027।
3. हर महीने की बाबे री बीज
हर शुक्ल द्वितीया पर मंदिर में विशेष आरती और भीड़ रहती है; बहुत से भक्त व्रत रखते हैं। तारीखें: बाबे री बीज कैलेंडर।
4. अन्य पर्व
- दिवाली: मंदिर में दीप सज्जा और विशेष पूजा; 2026 में 8 नवंबर, 2027 में 29 अक्टूबर।
- होली (धुलंडी): फाल्गुन में बाबा को गुलाल अर्पित करने के लिए भक्त आते हैं; 2027 में 22 मार्च।
- चैत्र नवरात्रि / नव संवत्सर: विशेष पूजा-अर्चना; 2027 में 7 अप्रैल से।
किस उत्सव में जाएँ?
- मेले का पूरा अनुभव चाहिए: भादवा मेला — पर भारी भीड़, महँगा ठहरना और गर्मी-उमस के लिए तैयार रहें।
- शांत दर्शन और अच्छा मौसम: माघ मेला या अक्टूबर–मार्च की कोई बीज।
- परिवार के साथ घूमना भी: सर्दियों में रामदेवरा के साथ आसपास की जगहें जोड़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामदेवरा में साल में कितने मेले लगते हैं?
दो बड़े मेले — भादवा मेला और माघ मेला; साथ ही हर महीने की बीज पर उत्सव।
रामदेवरा का सबसे बड़ा मेला कब है?
भादवा मेला — 2027 में लगभग 2–11 सितंबर।
कम भीड़ में दर्शन कब करें?
माघ मेले में या मेलों से हटकर सामान्य दिनों में, विशेषकर अक्टूबर–मार्च।
क्या होली-दिवाली पर रामदेवरा में भीड़ होती है?
हाँ, इन पर्वों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।
स्रोत
Zee News (माघ मेला), Drik Panchang, MuhuratChoghadiya, PublicHolidays.in
॥ जय बाबा रामदेव जी ॥