📅 बाबे री बीज
संक्षेप में: हर महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया — जिसे राजस्थान में “बीज” कहते हैं — बाबा रामदेव जी की पूजा का विशेष दिन है। इस दिन रामदेवरा में मंदिर विशेष रूप से सजाया जाता है, आरती होती है और आसपास के गाँवों व दूर-दराज़ से हज़ारों भक्त दर्शन करने आते हैं। कई भक्त बीज का व्रत रखते हैं। नीचे नवंबर 2026 से अक्टूबर 2027 तक की सभी बीज की संभावित तारीखें हैं।
बाबे री बीज की तारीखें (नवंबर 2026 – अक्टूबर 2027)
| महीना (हिंदू) | बीज की तारीख (संभावित) | विशेष |
|---|---|---|
| कार्तिक | 10 नवंबर 2026 | भाई दूज के आसपास |
| मार्गशीर्ष | 10 दिसंबर 2026 | — |
| पौष | 9 जनवरी 2027 | — |
| माघ | 8 फरवरी 2027 | माघ मेले का आरंभ |
| फाल्गुन | 9 मार्च 2027 | होली (22 मार्च) से पहले |
| चैत्र | 8 अप्रैल 2027 | चैत्र नवरात्रि के बीच |
| वैशाख | 8 मई 2027 | — |
| ज्येष्ठ | 6 जून 2027 | गर्मी — सुबह जल्दी दर्शन करें |
| आषाढ़ | 5 जुलाई 2027 | — |
| श्रावण | 4 अगस्त 2027 | — |
| भाद्रपद | 2 सितंबर 2027 | बाबा रामदेव जयंती, भादवा मेला |
| आश्विन | 1 अक्टूबर 2027 | शारदीय नवरात्रि के आसपास |
| कार्तिक | 31 अक्टूबर 2027 | दिवाली (29 अक्टूबर) के बाद |
बीज की तारीखें पंचांग की अमावस्या तिथियों से गणना की गई हैं (आमतौर पर अमावस्या के दो दिन बाद); तिथि-आरंभ के समय और स्थान के अनुसार एक दिन का अंतर संभव है — अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें। अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026।
बीज का महत्व
लोक-मान्यता के अनुसार बाबा रामदेव जी का अवतार भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को हुआ था। इसी कारण हर महीने की शुक्ल द्वितीया बाबा को समर्पित मानी जाती है, और भादवा की बीज — बाबा रामदेव जयंती — वर्ष की सबसे बड़ी बीज है। कथा: अजमल जी को परचा। चंद्रमा की पहली पतली रेखा (बीज का चाँद) इस दिन दिखती है, जिसे शुभ माना जाता है।
बीज के दिन रामदेवरा में क्या होता है
- मंदिर की विशेष सजावट और आरती; सामान्य दिनों से अधिक भीड़।
- आसपास के गाँवों से पैदल और वाहनों से श्रद्धालुओं का आगमन।
- कई भक्त ध्वजा (नेजा), कपड़े का घोड़ा और प्रसाद चढ़ाते हैं।
- गाँवों और शहरों में बाबा के देवरों पर जम्मा-जागरण।
घर पर बीज की पूजा
- सुबह स्नान के बाद बाबा की तस्वीर या पगल्या के सामने घी का दीपक जलाएँ।
- चालीसा या किसी परचे की कथा पढ़ें।
- शाम को आरती करें; चूरमा, खीर या मिश्री का भोग लगाएँ।
- व्रत रखने वाले भक्त शाम की आरती के बाद व्रत खोलते हैं (परिवार की परंपरा के अनुसार)।
बीज पर रामदेवरा जाने के सुझाव
- बीज के दिन भीड़ अधिक रहती है — एक दिन पहले पहुँचें और सुबह मंगला आरती में शामिल हों।
- भादवा और माघ की बीज पर मेले लगते हैं — भादवा मेला, माघ मेला।
- ठहरना: धर्मशाला · दूरी: दूरी तालिका।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाबे री बीज कब होती है?
हर महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया को — आमतौर पर अमावस्या के दो दिन बाद।
अगली बाबे री बीज कब है?
ऊपर तालिका देखें — नवंबर 2026 की बीज लगभग 10 नवंबर को है।
सबसे बड़ी बीज कौन-सी है?
भादवा सुदी बीज — बाबा रामदेव जयंती; 2027 में लगभग 2 सितंबर।
क्या बीज पर व्रत रखते हैं?
हाँ, बहुत से भक्त बीज का व्रत रखते हैं और शाम की आरती के बाद खोलते हैं।
बीज के दिन रामदेवरा में भीड़ कितनी होती है?
सामान्य दिनों से अधिक; भादवा और माघ की बीज पर मेले के कारण सबसे अधिक।
स्रोत
Drik Panchang — अमावस्या तिथियाँ 2026–27
सभी उत्सव: रामदेवरा उत्सव कैलेंडर
॥ जय बाबा रामदेव जी ॥