🎉 उत्सव
संक्षेप में: बाबा रामदेव जी की जयंती भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है, जिसे राजस्थान में “बाबे री बीज” कहते हैं। पंचांग के अनुसार 2027 में बाबा रामदेव जयंती लगभग 2 सितंबर (गुरुवार) को है। इसी दिन से रामदेवरा में भादवा मेला शुरू होता है, जो भादवा सुदी एकादशी — बाबा के समाधि दिवस (लगभग 11 सितंबर 2027) — तक चलता है।
| पर्व | तिथि | 2027 में (संभावित) |
|---|---|---|
| बाबा रामदेव जयंती (बाबे री बीज) | भादवा सुदी बीज | 2 सितंबर 2027 |
| भादवा मेला | भादवा सुदी बीज से एकादशी | 2–11 सितंबर 2027 |
| समाधि दिवस | भादवा सुदी एकादशी | 11 सितंबर 2027 |
बाबे री बीज का महत्व
लोक-मान्यता के अनुसार भादवा सुदी बीज को बाबा रामदेव जी ने अजमल जी और माता मैणादे के घर अवतार लिया — द्वारकाधीश के दिए वचन के अनुसार। इसी कारण बाबा को श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है और यह तिथि उनके भक्तों के लिए वर्ष का सबसे पवित्र दिन है। पूरी कथा: अजमल जी को परचा। राजस्थानी में शुक्ल पक्ष की द्वितीया को “बीज” कहते हैं — इसीलिए “बाबे री बीज” यानी बाबा की बीज।
रामदेवरा में जयंती कैसे मनाई जाती है
- ब्रह्म मुहूर्त में अभिषेक: बाबा की समाधि का पंचामृत से अभिषेक, फिर मंगला आरती और भोग — इसी के साथ मेले का शुभारंभ।
- ध्वजा और नेजे: देश भर से आए संघ बाबा को ध्वजा (नेजा) अर्पित करते हैं।
- पदयात्रा: राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु कई दिनों की पदयात्रा करके बीज तक रामदेवरा पहुँचते हैं; रास्ते भर सेवा-शिविर और भंडारे लगते हैं।
- जम्मा-जागरण: रात भर बाबा के भजन और परचों का गायन; कामड़ समाज का तेरहताली नृत्य।
- दर्शन समय में विस्तार: भीड़ के कारण मंदिर देर रात तक या कई बार 24 घंटे खुला रहता है — दर्शन समय।
घर पर बाबे री बीज कैसे मनाएं
जो भक्त रामदेवरा नहीं जा पाते, वे घर पर बाबा की तस्वीर या पगल्या के सामने घी का दीपक जलाकर आरती और चालीसा का पाठ करते हैं, बाबा को चूरमा, खीर या मिश्री का भोग लगाते हैं और रात में भजन करते हैं। बहुत से भक्त बीज का व्रत भी रखते हैं। गाँवों में बाबा के देवरों (थान) पर नेजा बदला जाता है और जम्मा लगता है।
हर महीने की बीज
भादवा की बीज सबसे बड़ी है, पर हर महीने की शुक्ल द्वितीया भी बाबा की पूजा का विशेष दिन मानी जाती है और उस दिन रामदेवरा में सामान्य से अधिक भीड़ रहती है। अगले 12 महीनों की बीज की तारीखें: बाबे री बीज कैलेंडर।
जयंती पर रामदेवरा जाने की तैयारी
- ट्रेन टिकट यात्रा से लगभग 60 दिन पहले बुकिंग खुलते ही लें — ट्रेन जानकारी।
- ठहरने के लिए 1–2 महीने पहले धर्मशाला या होटल से संपर्क करें।
- अपने शहर से दूरी और मार्ग: दूरी तालिका।
- बीज के दिन सबसे अधिक भीड़ रहती है — एक दिन पहले पहुँचें या मेले के बीच के दिनों में दर्शन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में बाबा रामदेव जयंती कब है?
पंचांग के अनुसार लगभग 2 सितंबर 2027 (भादवा सुदी बीज) को।
बाबे री बीज क्या है?
भाद्रपद शुक्ल द्वितीया — बाबा रामदेव जी का प्राकट्य (जन्म) दिवस।
बाबा रामदेव जी का समाधि दिवस कब है?
भादवा सुदी एकादशी को; 2027 में लगभग 11 सितंबर।
क्या जयंती पर मंदिर 24 घंटे खुला रहता है?
भीड़ को देखते हुए दर्शन का समय बढ़ाया जाता है और कई बार मंदिर रात भर खुला रहता है।
हर महीने की बीज का क्या महत्व है?
हर शुक्ल द्वितीया बाबा की पूजा का दिन मानी जाती है; भादवा की बीज सबसे बड़ी है।
तारीखें पंचांग के अनुसार गणना की गई हैं (स्थान के अनुसार एक दिन का अंतर संभव)। मेले की आधिकारिक तारीखें मंदिर समिति व प्रशासन घोषित करते हैं — घोषणा होते ही हम पेज अपडेट करेंगे। अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026।
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॥ जय बाबा रामदेव जी ॥